होली दहन को ‘छोटी होली’ या ‘होलिका दहन’ के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसकी शुरुआत प्राचीन काल से होती आई है। इस दिन अग्नि में होलिका का दहन कर, भगवान विष्णु की भक्ति और भक्त प्रह्लाद की विजय का जश्न मनाया जाता है।
होली दहन 2025: शुभ मुहूर्त
होलिका दहन 2025 की तारीख और समय:
- तारीख: 13 मार्च 2025
- शुभ मुहूर्त: शाम 6:30 बजे से रात 8:50 बजे तक
- भद्रा काल समाप्ति: दोपहर 2:15 बजे (यदि भद्रा हो)
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 13 मार्च को प्रातः 10:45 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 14 मार्च को सुबह 8:30 बजे
होलिका दहन की पूजा विधि
1. होलिका की स्थापना
- होलिका दहन के लिए किसी पवित्र स्थान पर लकड़ियां, उपले और सूखी टहनियां एकत्र करें।
- होलिका दहन से पहले पूजा के लिए गंगा जल से शुद्धिकरण करें।
2. पूजन सामग्री
- नारियल
- रोली, चावल
- कच्चा सूत
- हल्दी, गुड़
- फूल, कुमकुम
- गेहूं की बालियां
- गुलाल और रंग
3. पूजा करने की विधि
- परिवार के सभी सदस्य एकत्र होकर होलिका की परिक्रमा करें।
- कच्चा सूत होलिका के चारों ओर तीन या सात बार लपेटें।
- रोली और अक्षत चढ़ाएं, फिर जल, दूध और फूल अर्पित करें।
- गेहूं की बालियों को होलिका की अग्नि में सेंकें और परिवार के सदस्यों में बांटें।
होली दहन के खास उपाय
1. नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए
- होली दहन के समय नारियल अग्नि में अर्पित करें। यह बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
2. आर्थिक समृद्धि के लिए
- होलिका दहन के समय 5 लौंग और एक सुपारी अग्नि में डालें। यह धन संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।
3. रोग एवं कष्ट निवारण के लिए
- होलिका की राख को घर लाकर, मुख्य द्वार पर छिड़कें। यह बुरी शक्तियों से बचाव करता है।
4. सफलता प्राप्ति के लिए
- अपने नाम का 11 बार उच्चारण करते हुए, हवन सामग्री अग्नि में डालें। यह जीवन में सफलता और तरक्की लाने में मदद करता है।
होली दहन का वैज्ञानिक पक्ष
- होली दहन के समय वातावरण में मौजूद हानिकारक कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।
- गेंहू और चने की बालियां सेंकने से उसमें मौजूद पोषक तत्व और अधिक प्रभावी हो जाते हैं।
- सामूहिक रूप से इस त्योहार को मनाने से समाज में एकता और भाईचारा बढ़ता है।
होली के बाद की परंपराएं
- होली की अग्नि से तिलक लगाना शुभ माना जाता है।
- होलिका की राख को घर में रखने से सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- इस दिन घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद अवश्य लें।
FAQs (सामान्य प्रश्न)
Q1: क्या होली दहन के दिन व्रत रखना शुभ होता है?
A1: हां, होली दहन के दिन व्रत रखना शुभ माना जाता है। यह पवित्रता और आत्मशुद्धि का प्रतीक है।
Q2: होलिका दहन की राख का उपयोग कैसे करें?
A2: इसे घर में सुरक्षित स्थान पर रखें या शरीर पर हल्का सा तिलक लगाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
Q3: होलिका दहन के दौरान कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए?
A3: होली दहन के समय ‘ॐ नमो भगवते नारायणाय’ और ‘ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।
निष्कर्ष
होली दहन 2025 एक शुभ अवसर है, जो हमें बुराइयों से मुक्ति पाने और सकारात्मक ऊर्जा को अपनाने का संदेश देता है। इस दिन सही विधि से पूजा करने और विशेष उपाय अपनाने से न केवल जीवन में सुख-समृद्धि आती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।
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