जल्द आ रही है शारदीय नवरात्रि, जानिए तारीख, शुभ मुहूर्त और कलश स्थापना का उत्तम समय

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शारदीय नवरात्रि की तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह पावन पर्व देवी दुर्गा के नौ रूपों की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में शक्ति, भक्ति, और श्रद्धा का वातावरण संपूर्ण भारत में देखने को मिलता है। 

शारदीय नवरात्रि 2024 की तारीख

इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 3 अक्टूबर से होगी और 11 अक्टूबर को नवमी के साथ समापन होगा, जबकि 12 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। नवरात्रि के इन नौ पवित्र दिनों में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है, जो भक्तों को शक्ति, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

कलश स्थापना नवरात्रि के पहले दिन होती है, जिसे घटस्थापना भी कहते हैं। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 3 अक्टूबर की सुबह 6:19 AM से 7:23 AM तक है। इसके अतिरिक्त, दूसरा शुभ मुहूर्त 12:05 PM से 12:51 PM तक रहेगा। यह समय देवी दुर्गा को आमंत्रित करने के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है। इस मुहूर्त में कलश स्थापित कर देवी की पूजा-अर्चना का प्रारंभ किया जाता है।

नवरात्रि की महिमा और कलश स्थापना का महत्व

नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। कलश को जीवन, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर भक्तगण अपने घरों में कलश की स्थापना करके माँ दुर्गा का स्वागत करते हैं और पूरे नवरात्रि के दौरान माँ की आराधना करते हैं। 

नवरात्रि की पूजा विधि

1. कलश स्थापना: पहले दिन घर के पूजा स्थान को स्वच्छ करें और वहाँ कलश स्थापित करें। कलश में पवित्र जल, सुपारी, सिक्का, दूर्वा और आम के पत्ते रखें।

2. माँ दुर्गा का आह्वान: कलश स्थापना के बाद माँ दुर्गा का आह्वान करें और उनकी मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

3.नित्य पूजा: नवरात्रि के नौ दिनों तक प्रतिदिन माँ दुर्गा की पूजा करें। माँ के अलग-अलग रूपों की उपासना करके भक्त उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

4. व्रत: नवरात्रि के दौरान कई भक्त उपवास रखते हैं, जिससे उनका शरीर और मन दोनों शुद्ध रहते हैं। उपवास करने वाले अन्न का त्याग करें।

5. घी का दीपक जलाना: माँ दुर्गा के सामने  नौ दिनों रोज़ घी का दीपक अवश्य जलाएं और नौ दिनों तक पूजा विधि का पालन करें।

एस्ट्रो टीना का आध्यात्मिक दृष्टिकोण और जीवन यात्रा

आध्यात्मिकता में एस्ट्रो टीना की गहरी रुचि बचपन से ही रही। एस्ट्रो टीना के अनुसार, ग्रहों की गति हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे व्यक्तिगत रिश्तों, करियर, स्वास्थ्य, संपत्ति और आध्यात्मिक उन्नति पर गहरा प्रभाव डालती है। यह ज्ञान उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य बन गया है कि वे अपने ग्राहकों को जीवन के हर पहलू को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकें।

वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष, और क्रिस्टल थेरेपी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद, एस्ट्रो टीना अब अपने ग्राहकों को न केवल ज्योतिषीय परामर्श बल्कि एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती हैं। उनके द्वारा सुझाए गए उपाय सरल, प्रभावी और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाले होते हैं।  एस्ट्रो टीना की अद्वितीयता इसी में है कि वे हर समस्या का व्यापक और संवेदनशील समाधान प्रदान करती हैं।

हमारी विशेषताएँ और एस्ट्रो टीना की अनूठी सेवाएँ

 

1. ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञता: एस्ट्रो टीना ने पाराशर पद्धति के अंतर्गत अंतर दशा और महादशा के सटीक भविष्यवाणियों में महारत हासिल की है।

2. समग्र दृष्टिकोण: प्रत्येक समस्या को संवेदनशीलता और करुणा से हल करने का उनका तरीका उन्हें अन्य पेशेवरों से अलग करता है।

 

3. 15 वर्षों का अनुभव: अपने 15 वर्षों के समृद्ध अनुभव के साथ, एस्ट्रो टीना ने अपने ग्राहकों को जीवन में शांति, समृद्धि और उत्साह से भरने का लक्ष्य रखा है।

एस्ट्रो टीना की आध्यात्मिक यात्रा

एस्ट्रो टीना ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा में गुरुजी और भगवान की कृपा से कई गहन अनुभव प्राप्त किए। उनके ज्योतिषीय विश्लेषण और वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के माध्यम से उन्होंने अपने ग्राहकों के जीवन को उन्नत किया है। एस्ट्रो टीना के अनुसार, ग्रहों और दिशाओं के गहरे विज्ञान में जितनी गहराई से डूबा जाता है, उतनी ही यह हमारे जीवन को समृद्ध बनाता है।

कलश स्थापना के बाद ध्यान रखने योग्य बातें

  1. पूजा स्थल को नियमित रूप से साफ करें।
  2. माँ दुर्गा की नियमित पूजा और आरती करें।
  3. नौ दिनों तक उपवास और नियमों का पालन करें।
  4. देवी माँ को भोग और नैवेद्य अर्पित करें।
  5. माँ के सामने घी का दीपक रोज़ 9 दिनों तक अवश्य जलाएं।

निष्कर्ष

शारदीय नवरात्रि आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति का पर्व है। देवी दुर्गा की कृपा से हम जीवन में सभी बाधाओं को पार कर सकते हैं। एस्ट्रो टीना की गहन आध्यात्मिक यात्रा और ज्योतिष, वास्तु, अंक ज्योतिष और क्रिस्टल थेरेपी में उनकी विशेषज्ञता उनके ग्राहकों को सकारात्मकता और सफलता के मार्ग पर ले जाती है। नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर माँ दुर्गा से समृद्धि और शांति की कामना करें।

 

नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं!